आप दोनों की यह सालगिरह
केवल पच्चीस वर्षों की गांठ नहीं
ये आपके संघर्षों की गांठ है,
जिसे आप दोनों ने
प्रेम के सूत्र में पिरोकर
कर्तव्यों की कसौटी पर कस कर
पवित्रता के पानी से सींच कर
आदर्शों के आसमान को तय करते हुए
लाजवाब लम्हों की सौगात पर बांधी है,
ये वह अमर गांठ है
जो अपने अस्तित्व से
हर ओर प्रेम का प्रकाश फैलाने की शक्ति रखती है।