Sunday, March 10, 2024

ख़याल

एक ख़याल आया 
पर लिखने से पहले चला गया
दूसरा ख़याल लिखा 
पर कागज़ पर उतार नहीं पाया
चाहा तीसरे ख़याल को बताना 
पर शब्दों ने गुस्ताखी कर दी
चौथे ख़याल को महफूज़ छोड़ दिया
दिल की गहराई में...

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